प्रष्टन 1. सूर्य के विभिन्न भागों का वर्णन कीजिए।
उत्तर - सौर प्रणाली का मुखिया सूर्य एक तारा है। सूर्य का व्यास पृथ्वी के व्यास का भग 100 गुना है और इसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान का लगभग 10 लाख गुना है। सूर्य गर्म मों का गोला है जिसमें मुख्य रूप से हाइड्रोजन गैस उपस्थित है। इसके विभिन्न भागों का वर्णन नानुसार है:-
(1) नाभिक सूर्य के केन्द्रीय भाग को नाभिक कहते हैं। नाभिक का ताप लगभग दो रोड़ कैल्विन (1.56 × 107 K) तथा दाब लगभग 2 × 10% पास्कल होता है। नाभिक में संलयन कया के फलस्वरूप ही सूर्य से असीम ऊर्जा उत्पन्न होती है।
(2) प्रकाश-मण्डल • सूर्य के नाभिक से बाहर लगभग 800 किमी. से 1600 किमी. तक आपोज्ज्वल परत है जिसे प्रकाश-मण्डल कहते हैं। प्रकाश मण्डल का ताप लगभग 6000 K है।
(3) वर्ण-मण्डल प्रकाश-मण्डल के बाहर गर्म गैसों की परत वर्ण-मण्डल या कोरोना है। इसका घनत्व बहुत कम होता है। यह परत कम मात्रा में प्रकाश उत्सर्जित करती है अतः निकट स्थित तीव्र प्रकाश वाले प्रकाश-मण्डल की तुलना में यह परत सामान्य रूप से अदृश्य रहती है। पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थिति में कोरोना परत चमकदार दिखाई देने लगती
है|
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