📜 भारतीय संविधान का इतिहास (History of the Indian Constitution)
भारतीय संविधान का इतिहास ब्रिटिश शासन के दौरान 1773 से शुरू होता है और 1950 में इसके लागू होने के साथ समाप्त होता है। इसे दो मुख्य अवधियों में विभाजित किया जा सकता है:
I. कंपनी शासन के तहत (1773 – 1858)
इस अवधि में ब्रिटिश संसद ने ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियंत्रित करने के लिए कई अधिनियम पारित किए:
1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773:
यह कंपनी के कार्यों को नियंत्रित करने की दिशा में पहला कदम था।
बंगाल के गवर्नर को 'गवर्नर-जनरल ऑफ बंगाल' बनाया गया (पहले गवर्नर-जनरल: लॉर्ड वारेन हेस्टिंग्स)।
2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784:
कंपनी के वाणिज्यिक (Commercial) और राजनीतिक (Political) कार्यों को अलग किया गया।
राजनीतिक मामलों के प्रबंधन के लिए नियंत्रण बोर्ड (Board of Control) की स्थापना की गई।
3. चार्टर अधिनियम, 1833:
इसने गवर्नर-जनरल ऑफ बंगाल को 'गवर्नर-जनरल ऑफ इंडिया' बना दिया (पहले गवर्नर-जनरल: लॉर्ड विलियम बेंटिंक)।
इसने कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार को सशक्त बनाया।
4. चार्टर अधिनियम, 1853:
इसने पहली बार विधायी (Legislative) और कार्यकारी (Executive) कार्यों को अलग किया।
सिविल सेवकों की भर्ती के लिए खुली प्रतिस्पर्धा प्रणाली शुरू की गई।
II. ताज शासन के तहत (1858 – 1947)
1857 के विद्रोह के बाद, शासन सीधे ब्रिटिश ताज (Crown) के अधीन आ गया।
1. भारत सरकार अधिनियम, 1858:
इसे 'भारत के अच्छे शासन के लिए अधिनियम' भी कहा जाता है।
गवर्नर-जनरल ऑफ इंडिया का पदनाम बदलकर 'वायसराय ऑफ इंडिया' कर दिया गया।
नियंत्रण बोर्ड और निदेशक मंडल को समाप्त कर दिया गया।
2. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 (मॉर्ले-मिंटो सुधार):
इसने केंद्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों के आकार में वृद्धि की।
मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorate) की शुरुआत की (सांप्रदायिकता को वैधानिकता दी)।
3. भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार):
इसने केंद्रीय और प्रांतीय विषयों को अलग किया।
प्रांतीय विषयों को दो भागों में विभाजित किया गया: हस्तांतरित (Transferred) और आरक्षित (Reserved), जिसे द्वैध शासन (Dyarchy) कहा जाता है।
देश में पहली बार द्विसदनीय व्यवस्था (Bicameralism) की शुरुआत हुई।
4. भारत सरकार अधिनियम, 1935:
यह भारतीय संविधान का मुख्य स्रोत है
(लगभग दो-तिहाई प्रावधान यहीं से लिए गए हैं)।इसने केंद्र और इकाइयों के बीच शक्तियों को तीन सूचियों (संघ सूची, प्रांतीय सूची, समवर्ती सूची) में विभाजित किया।
केंद्र में द्वैध शासन की शुरुआत की और प्रांतों में द्वैध शासन को समाप्त कर दिया।
✍️ संविधान का निर्माण (The Making of the Constitution)
1. संविधान सभा की मांग (1934): पहली बार एम.एन. रॉय ने एक संविधान सभा की मांग रखी, जिसे बाद में कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक मांग के रूप में उठाया।
2. कैबिनेट मिशन योजना (1946): इसी योजना के तहत नवंबर 1946 में संविधान सभा का गठन किया गया।
3. पहली बैठक (9 दिसंबर, 1946): डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (सबसे वरिष्ठ सदस्य) को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया।
4. स्थायी अध्यक्ष (11 दिसंबर, 1946): डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
5. उद्देश्य प्रस्ताव (13 दिसंबर, 1946): जवाहरलाल नेहरू ने पेश किया, जिसमें संविधान के मूलभूत दर्शन और सिद्धांतों को निर्धारित किया गया।
6. मसौदा समिति (29 अगस्त, 1947): डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में मसौदा समिति का गठन किया गया, जो संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण समिति थी।
7. अपनाया गया: संविधान सभा ने 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अपनाया।
8. लागू हुआ: भारतीय संविधान 26 जनवरी, 1950 को पूरी तरह से लागू हुआ, और भारत एक गणतंत्र (Republic) बन गया।
संविधान को तैयार करने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे थे।

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