भारत के राष्ट्रपति के चुनाव से संबंधित मुख्य रूप से दो अनुच्छेद हैं:
* अनुच्छेद 54 (Article 54):
* यह अनुच्छेद बताता है कि राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल (Electoral College) द्वारा किया जाएगा।
* इस निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।
* अनुच्छेद 55 (Article 55):
* यह अनुच्छेद राष्ट्रपति के चुनाव की रीति या प्रक्रिया का वर्णन करता है।
* इसके अनुसार, राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) द्वारा होगा, और ऐसे चुनाव में गुप्त मतदान होगा।
संक्षेप में:
* अनुच्छेद 54 - बताता है कि कौन मतदान करेगा (निर्वाचक मंडल)।
* अनुच्छेद 55 - बताता है कि चुनाव कैसे होगा (प्रक्रिया)।
क्या आप राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया (एकल संक्रमणीय मत)
राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया (जो अनुच्छेद 55 के तहत दी गई है) काफी विस्तृत है, लेकिन इसे समझने के लिए यहाँ मुख्य बातें दी गई हैं, जिसे आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation System) के तहत एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) कहा जाता है:
🗳️ एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote - STV) प्रक्रिया
यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि राष्ट्रपति पूरे देश का प्रतिनिधित्व करें और विभिन्न राज्यों के मतों का मूल्य एक समान हो।
1. मत मूल्य का निर्धारण (Value of Vote)
18646208विधायकों और सांसदों के वोट का मूल्य अलग-अलग होता है।
* विधायक का मत मूल्य (Value of MLA's Vote): यह उस राज्य की जनसंख्या और विधानसभा सीटों की संख्या पर निर्भर करता है। सूत्र यह है:
* सांसद का मत मूल्य (Value of MP's Vote): यह सभी राज्यों के विधायकों के मतों के कुल मूल्य को सांसदों की कुल संख्या से भाग देकर निकाला जाता है।
2. मतदान (Voting)
* यह एक गुप्त मतदान (Secret Ballot) होता है।
* मतदाता (निर्वाचक मंडल के सदस्य) एक उम्मीदवार को वोट देने के बजाय, उम्मीदवारों को अपनी वरीयता (Preferences) के क्रम में चिह्नित करते हैं (जैसे: 1, 2, 3, आदि)।
* अर्थात्, वे केवल एक उम्मीदवार को वोट नहीं देते, बल्कि बताते हैं कि उनकी पहली पसंद कौन है, दूसरी पसंद कौन है, और तीसरी कौन है, आदि।
3. विजेता का निर्धारण (Determining the Winner)
राष्ट्रपति बनने के लिए, उम्मीदवार को निर्धारित कोटा (Quota) प्राप्त करना आवश्यक है। यह कोटा इस सूत्र से निकाला जाता है:
(यह \text{कुल वैध मतों का मूल्य} के 50% से अधिक होना चाहिए।)
गणना के चरण (Counting Steps):
* प्रथम वरीयता की गणना: सबसे पहले, सभी उम्मीदवारों के लिए पहली वरीयता (Preference 1) के वोटों की गणना की जाती है।
* कोटा की जाँच: यदि कोई उम्मीदवार पहले चरण में ही कोटा प्राप्त कर लेता है, तो उसे निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है।
* वोटों का संक्रमण (Vote Transfer):
* यदि कोई नहीं जीता: सबसे कम मत प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को दौड़ से हटा दिया जाता है।
* इस हारे हुए उम्मीदवार को पहली वरीयता देने वाले मतदाताओं के दूसरे वरीयता (Preference 2) के वोटों को अन्य उम्मीदवारों में 'संक्रमित' (Transfer) कर दिया जाता है।
* यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है जब तक कोई उम्मीदवार निर्धारित कोटा प्राप्त नहीं कर लेता।
यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि निर्वाचित राष्ट्रपति को बहुमत (Absolute Majority) का समर्थन प्राप्त हो।
क्या आप भारत के किसी विशिष्ट राष्ट्रपति चुनाव, जैसे कि किसी करीबी मुकाबले वाले चुनाव, के
बारे में जानना चाहेंगे?
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